हमारे सच हम तक ही रहें,
लोगों में किस्सा न बने तो अच्छा है।
लोग ढूंढ ही लेंगें आपके दर्द का वास्ता,
अपने जख्मों को छुपा कर रखें तो अच्छा है।
वक्त के साथ बदल जाते हैं रिश्ते,
रखें खुद से खुद का रिश्ता तो अच्छा है।
जान के भी नासमझ बने रहें हम,
रिश्तों की सेहत के लिए ये भी तो अच्छा है|