एक बार

चलो एक बार, इंसा होके देखा जाय।
न हो कि हम, बेहतर।
और न ये, कि तुम कमतर।
न हो कोशिश, औरों को आँकने की।
और न ही उनके घरों में झाँकने की।
चलो एक बार यूँ भी जी के देखा जाय।