खुद्दारी Post author:Garima Post published:10/09/2021 Post category:Uncategorized ये बेरुखी नहीं, हमारी खुद्दारी है।हो काबिल तुम भी, और हममें भी तजुर्बेकारी है ।साथ चलना, इतना भी तो मुश्किल नहीँ,मान लो गर तरक्की में तुम्हारी,हमारी भी कुछ हिस्सेदारी है। You Might Also Like मन नहीं करता 17/04/2021 तुम बदल जाओ जरा 26/05/2022 खुद के लिए 22/04/2021 This Post Has 2 Comments Priyadarshi 21/09/2021 क्या बात कही है आपने वाह geetanjali 21/09/2021 बहुत खूब कहा Comments are closed.
क्या बात कही है आपने
वाह
बहुत खूब कहा