उड़ान बाकी है

पंख खोले हैं, अभी तो उड़ान बाकी है ।
हाथों की लकीरों में, अभी तो रंग बाकी हैं।
ले ही लेंगे, अपने हिस्से का आसमां हम,
अभी तो हौसलों में जान बाकी है ।
मैंने खुद से किया था वादा कभी,
अभी तो जीवन की शाम बाकी है|