तुम बदल जाओ जरा Post author:Garima Post published:26/05/2022 Post category:Uncategorized तुम बदल जाओ जरा,मान लो कि जैसे,धरती घूमती है खुद ब खुदसूरज ताप देता है औरबारिश की बूदें शीतल होती है स्वयं ही ।बस मान लो और जी लोजरा खुद के लिए ।गाओ खुल के कभी,दौड़ लो जरा हरे मैदानो मेंनाच लो बेपरवाह होके,तुम बदल जाओ जरा,तुम बदल जाओ जरा । You Might Also Like उड़ान बाकी है 05/01/2022 मन नहीं करता 17/04/2021 ए दिल 06/09/2022