नारी… Post author:Garima Post published:11/07/2021 Post category:Uncategorized मैं हर जर्रे में हूँ, और मेरा कोई वजूद नही।थोड़ी थोड़ी बंटी हूँ मैं, हर जगह, हर पहर।किसी के दिल, किसी के दिमाग,और किसी की जरूरतों में हूँ मैं।मैं हूँ हर जगह, और कहीं भी नहीँ ।मैं हूँ हर जगह और कहीं भी नहीं ।। You Might Also Like तजुर्बे 05/04/2021 खवाबो में रंग भरते हैं 02/04/2021 खुद के लिए 22/04/2021